रायपुर:
गरीबों को मुफ्त और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली ‘आयुष्मान भारत योजना’ के नाम पर मरीजों से अवैध वसूली और अनियमितता करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण और विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के कुल 19 अस्पतालों को नियमों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया है। विभाग ने इनमें से 16 अस्पतालों को 1 से लेकर 3 वर्ष तक की अवधि के लिए आयुष्मान योजना से सीधे ब्लैकलिस्ट (पैनल से बाहर) कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के इस कड़े कदम से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमों ने विभिन्न जिलों में संचालित इन अस्पतालों में छापेमार कार्रवाई कर दस्तावेजों और इलाज के रिकॉर्ड की सघन जांच की थी। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कई अस्पताल मरीजों के इलाज के दौरान योजना के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे, गलत क्लेम कर रहे थे और योजनाबद्ध तरीके से मरीजों से अतिरिक्त रुपयों की वसूली कर रहे थे।
विभाग द्वारा जारी कार्रवाई की सूची में कुल 19 अस्पताल शामिल हैं। इनमें रायपुर का विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और सरगुजा का डीएचटी हॉस्पिटल भी शामिल है, जिन पर विशिष्ट अनियमितताओं के चलते अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। वहीं, गंभीर वित्तीय व प्रक्रियात्मक गड़बड़ियों के चलते शेष 16 अस्पतालों को 1 से 3 साल तक की अवधि के लिए योजना से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
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ये 16 अस्पताल आयुष्मान योजना से हुए ब्लैकलिस्ट:
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श्री अनंत साई अस्पताल, रायपुर
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सुयश इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, रायपुर
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महावीर हॉस्पिटल, रायपुर
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श्रीनिवास हॉस्पिटल, रायपुर
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वरदान हॉस्पिटल, रायपुर
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एसके केयर हॉस्पिटल, रायपुर
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हेरिटेज हॉस्पिटल, रायपुर
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रावतपुर सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल, रायपुर
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पल्स हॉस्पिटल, दुर्ग
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श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, दुर्ग
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अशोक प्रसूति मंदिर, बिलासपुर
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केयर एंड केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बिलासपुर
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नेताम हॉस्पिटल, कोंडागांव
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हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कोरबा
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स्वामी चंद्रशेखरानंद हॉस्पिटल, बस्तर
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जय जगन्नाथ हेल्थ केयर, कबीरधाम
स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई आयुष्मान भारत योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जरूरतमंद मरीजों के अधिकारों की रक्षा के लिए की गई है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि गरीबों के स्वास्थ्य के नाम पर फर्जीवाड़ा करने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में भी निजी अस्पतालों के क्लेम और इलाज की गुणवत्ता पर निगरानी बनाए रखने के लिए औचक जांच अभियान जारी रहेगा।


