चेन्नई:
चक्रवात ‘अर्नब’ की तबाही के महज एक सप्ताह के भीतर देश के पूर्वी तटीय राज्यों को दूसरे गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Cyclone Murasu) का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात के लैंडफॉल की प्रक्रिया दक्षिण आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और नरसापुर के बीच शुरू हो गई है। तट से टकराते समय हवा की निरंतर गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जिसके झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार तक पहुंच गए। चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा में युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी हैं, हजारों लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया है और तटीय इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
हवाई सेवाओं पर भारी असर: आंध्र में 19 उड़ानें रद्द
खराब मौसम, तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण विमानन सेवाओं पर बड़ा असर पड़ा है। आंध्र प्रदेश के तीन प्रमुख हवाई अड्डों से कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं:
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विजयवाड़ा एयरपोर्ट: इंडिगो की 10 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 2 उड़ानों सहित कुल 12 उड़ानें रद्द हुईं।
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विशाखापत्तनम एयरपोर्ट: 4 उड़ानों को निरस्त किया गया।
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तिरुपति एयरपोर्ट: 3 उड़ानों का संचालन ठप रहा। चेन्नई हवाई अड्डे से भी कई उड़ानों के संचालन में व्यवधान आया है, जिसके चलते एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को घर से निकलने से पहले संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी है।
चेन्नई जलमग्न, स्कूल बंद; तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश
चक्रवात के असर से उत्तरी तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश का दौर बना हुआ है। राजधानी चेन्नई के कई निचले इलाकों में भीषण जलभराव हो गया है। मौसम विभाग की ओर से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने एहतियातन चेन्नई के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लुर जिलों में लगातार हो रही वर्षा के साथ-साथ कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, तूफान के पूरी तरह जमीनी हिस्से को पार करने के बाद ही वर्षा की तीव्रता में कमी आएगी।
आपदा के बीच अंतरराज्यीय सहयोग: तमिलनाडु और कर्नाटक ने बढ़ाया हाथ
आंध्र प्रदेश पर मंडराते खतरे को देखते हुए पड़ोसी राज्यों ने मदद का हाथ बढ़ाया है:
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तमिलनाडु सरकार ने आंध्र प्रदेश में राहत व बचाव के लिए 90 सदस्यों वाली एनडीआरएफ (NDRF) की तीन विशेष टीमें रवाना की हैं। इसके अतिरिक्त, बिजली ढांचे को तुरंत बहाल करने के लिए जरूरी उपकरणों के साथ तमिलनाडु विद्युत बोर्ड के 500 कर्मचारियों वाली 25 टीमें भेजी गई हैं।
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कर्नाटक सरकार ने भी चक्रवात ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ से क्षतिग्रस्त हुए बिजली नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए 500 कुशल बिजली कर्मचारियों और आवश्यक तकनीकी उपकरणों की तैनाती का ऐलान किया है।
आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट, ओडिशा में स्कूल-कॉलेज बंद
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। हालांकि मौसम विभाग का आकलन है कि ‘मुरासु’ की तीव्रता चक्रवात ‘अर्नब’ से कुछ कम रह सकती है, फिर भी दक्षिणी तटीय व रायलसीमा जिलों में सतर्कता बरती जा रही है।
उधर, ओडिशा में भी चक्रवात का सीधा असर दिखने लगा है। राज्य के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों की सुरक्षित निकासी तेज कर दी है। एहतियाती कदम उठाते हुए दक्षिण ओडिशा के प्रभावित जिलों—गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरि में 3 नवंबर तक स्कूल और कॉलेजों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया गया है। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।


