रायपुर:
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मौसम विभाग द्वारा 27 से 29 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश और तेज आंधी चलने की चेतावनी के बाद मैदानी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। महासमुंद, धमतरी और कांकेर जिलों में संभावित आपदा से निपटने और जन-धन व पशुहानि को रोकने के लिए जिला प्रशासनों ने कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।
महासमुंद: 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम, गांव-गांव होगी मुनादी
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने समय-सीमा की बैठक में सभी विभागों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
आपदा राहत कार्यों और त्वरित सूचनाओं के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नागरिक आपात स्थिति में 07723-223305 पर संपर्क कर सकते हैं। तहसीलों में भी अलग से कंट्रोल रूम बनाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग को रैपिड रिस्पांस टीमें गठित करने, विद्युत विभाग को फॉल्ट सुधारने और एसडीआरएफ व होमगार्ड के जवानों को अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को सतर्क करने के लिए कोटवारों के जरिए मुनादी कराई जाएगी। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि अगले तीन दिनों तक अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
धमतरी: गंगरेल बांध से कभी भी छोड़ा जा सकता है पानी, अलर्ट जारी
धमतरी जिले में भारी बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से आवक बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रसिद्ध रविशंकर सागर (गंगरेल) बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की संभावना जताई गई है।
27 अक्टूबर सुबह 7 बजे जलाशयों की स्थिति:
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गंगरेल (रविशंकर सागर): जलस्तर 345.03 मीटर (पूर्ण स्तर 348.70 मीटर), जलभराव क्षमता 59.53%, आवक 5,904 क्यूसेक।
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दुधावा बांध: जलस्तर 424.03 मीटर (पूर्ण स्तर 425.12 मीटर), जलभराव क्षमता 84.21%, आवक 209 क्यूसेक।
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मुरूमसिल्ली बांध: जलभराव क्षमता 90.72% दर्ज।
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सौंदूर बांध: जलस्तर 469.71 मीटर (पूर्ण स्तर 471.065 मीटर), जलभराव क्षमता 82.73%।
प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों के लोगों से नदी-नालों, रपटों और पुल-पुलियों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। उफनते नालों को पार करने, मछली पकड़ने या नहाने पर पूरी तरह रोक लगाने की अपील की गई है।
कांकेर: सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रतिबंध
उत्तर बस्तर कांकेर में 27 से 29 अक्टूबर के बीच भीषण वर्षा और तेज आंधी की आशंका को देखते हुए कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है।
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मुख्यालय छोड़ने पर रोक: जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश पर आगामी आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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सभी कर्मचारियों को अपने निर्धारित मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है। कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी अधिकारी न तो छुट्टी ले सकेगा और न ही मुख्यालय छोड़ सकेगा। आदेश की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


