रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के जुलाई सत्र के दौरान आज आबकारी विभाग को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग के अंतर्गत विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न का जवाब देते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेश में संचालित शराब दुकानों के आधिकारिक आंकड़े सदन के सामने रखे हैं। इस जवाब से यह साफ हो गया है कि पिछले ढाई साल में प्रदेश के भीतर मदिरा दुकानों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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आइए जानते हैं कि सदन में आबकारी विभाग और शराब दुकानों को लेकर क्या बड़े आंकड़े सामने आए हैं।
सबसे पहले अगर प्रदेश में कुल संचालित शराब दुकानों की बात करें तो मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि 31 दिसम्बर 2023 की स्थिति में छत्तीसगढ़ में कुल 672 मदिरा दुकानें संचालित थीं। इन 672 दुकानों में 172 देशी मदिरा दुकान, 304 विदेशी मदिरा दुकान, 167 कम्पोजिट देशी मदिरा दुकान, 01 कम्पोजिट विदेशी मदिरा दुकान और 28 प्रीमियम मदिरा दुकानें शामिल थीं। वहीं अब जून 2026 की ताजा स्थिति के अनुसार प्रदेश में कुल मदिरा दुकानों की संख्या बढ़कर 705 हो चुकी है। वर्तमान में संचालित इन 705 दुकानों में 109 देशी मदिरा दुकान, 155 विदेशी मदिरा दुकान, 239 कम्पोजिट देशी मदिरा दुकान, 154 कम्पोजिट विदेशी मदिरा दुकान और 48 प्रीमियम मदिरा दुकानें शामिल हैं।
इसके बाद विधायक विद्यावती सिदार ने सरकार से एक बेहद गंभीर सवाल पूछा कि प्रदेश में कितनी शराब दुकानें ऐसी हैं जो स्कूलों और नेशनल या स्टेट हाईवे (राजमार्गों) के एकदम नजदीक यानी 50 से 100 मीटर के घेरे में चल रही हैं। इस पर मंत्री ने लिखित जवाब में स्वीकार किया है कि पूरे प्रदेश के भीतर कुल 66 मदिरा दुकानें ऐसी हैं जो नियमों को दरकिनार करते हुए स्कूलों और राजमार्गों के महज 50 से 100 मीटर की परिधि में धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। इसकी पूरी जिलेवार सूची भी सदन के पटल पर रखी गई है।
अंत में नई मदिरा दुकानों को खोलने पर रोक लगाने के संबंध में पूछे गए सवाल पर मंत्री ने स्थिति साफ की। विधायक ने पूछा था कि क्या 24 जनवरी 2024 को मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य में कोई भी नई मदिरा दुकान नहीं खोलने का निर्णय लिया गया था। इस पर मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने साफ शब्दों में ‘जी नहीं’ कहते हुए इस तरह के किसी भी फैसले से इनकार कर दिया।
विधानसभा में सामने आए इन सरकारी आंकड़ों के बाद अब प्रदेश में शराब दुकानों की बढ़ती संख्या और स्कूलों व हाईवे के पास उनके संचालन को लेकर सियासी माहौल गरमाने की पूरी उम्मीद है।

