पूरे प्रदेश में 73 हजार से ज्यादा शिक्षक बिना टीईटी पास, विधानसभा में सामने आया आंकड़ा
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के जुलाई सत्र के दौरान आज प्रदेश के साथ-साथ जशपुर जिले में कार्यरत शिक्षकों की योग्यता और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विधानसभा अतारांकित प्रश्न संख्या 77 के लिखित जवाब में जशपुर जिले के भीतर तैनात टीईटी उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण शिक्षकों का आधिकारिक आंकड़ा पटल पर रखा गया है। मंत्रालय महानदी भवन द्वारा जारी इन आंकड़ों से पता चलता है कि जशपुर जिले के सरकारी स्कूलों में बिना टीईटी पास शिक्षकों की संख्या बहुत बड़ी है।
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आइए जानते हैं जशपुर जिले में टीईटी उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण शिक्षकों की वर्तमान ज़मीनी हकीकत क्या है।सबसे पहले अगर जशपुर जिले में बिना टीईटी परीक्षा पास किए बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों की बात करें तो यह आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है। जिले के भीतर कुल 3632 शिक्षक ऐसे हैं जो शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण नहीं हैं। इतनी बड़ी संख्या में बिना पात्रता परीक्षा पास किए शिक्षकों के तैनात होने के कारण जिले के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर सीधा असर देखने को मिल रहा है।
जशपुर जिले में सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे 78 स्कूल
इसके बाद अगर टीईटी परीक्षा पास करने वाले योग्य शिक्षकों की बात की जाए तो जशपुर जिले में इनकी संख्या काफी कम है। पूरे जिले के सरकारी स्कूलों में केवल 933 शिक्षक ही ऐसे कार्यरत हैं जो टीईटी की परीक्षा पूरी तरह उत्तीर्ण कर चुके हैं। इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर जशपुर जिले में इस सेटअप के तहत काम करने वाले कुल शिक्षकों की संख्या 4565 होती है।विधानसभा में जशपुर जिले की यह रिपोर्ट सामने आने के बाद अब स्थानीय स्तर पर बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और स्कूलों में टीईटी उत्तीर्ण योग्य शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विभाग पर दबाव बढ़ना तय है।

