रायपुर: आठवें वेतन आयोग को समयबद्ध तरीके से लागू करने, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने और लंबित महंगाई भत्ते के भुगतान समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर देशभर के सरकारी कर्मचारी लामबंद होने लगे हैं। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने 12 दिसंबर को नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली विशाल ‘कर्मचारी आक्रोश रैली’ में कर्मचारियों और अधिकारियों से बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया है।
शनिवार को नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के तत्वावधान में प्रांतीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुभाष लांबा ने कहा कि कर्मचारियों को अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
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कर्मचारियों की प्रमुख 10 सूत्रीय मांगें
सम्मेलन में दिल्ली रैली के एजेंडे और कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को रेखांकित किया गया:
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8वें वेतन आयोग का गठन: केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग का समयबद्ध गठन व क्रियान्वयन।
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पेंशन और भत्ता: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूरे देश में बहाली और लंबित महंगाई भत्ते (DA) का त्वरित एरियर सहित भुगतान।
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संविदा व दैनिक वेतनभोगी: संविदा और अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण तथा ‘समान काम के लिए समान वेतन’ का नियम लागू करना।
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स्वास्थ्य व न्यूनतम आय: कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के लिए पूर्ण कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, न्यूनतम वेतन और न्यूनतम पेंशन में सम्मानजनक वृद्धि।
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अन्य मांगें: सार्वजनिक उपक्रमों के अंधाधुंध निजीकरण पर रोक लगाना और मजदूर विरोधी चार नए श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को निरस्त करना।
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छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों ने भरी हुंकार
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने संगठन के संघर्षों और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि जब तक कर्मचारियों के जायज अधिकार नहीं मिलते, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रदेश स्तर पर कर्मचारियों से जुड़ी लंबित घोषणाओं को शीघ्र लागू करने और 8वें वेतन आयोग का लाभ राज्य के कर्मचारियों को सुनिश्चित कराने की मांग उठाई।
फेडरेशन के प्रांतीय महासचिव चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि 6 अगस्त की बैठक में राष्ट्रीय संगठन से संबद्धता का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत अब राष्ट्रीय स्तर के आंदोलनों में छत्तीसगढ़ के कर्मचारी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। सम्मेलन में राज्य के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी, प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।


