मांदर की थाप पर गूंजेगा लोकगीत: प्रकृति, हरियाली और भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक ‘करम पर्व’
बेतला: झारखंड के एकमात्र व्याघ्र आरक्षित क्षेत्र (पलामू टाइगर रिजर्व) स्थित बेतला नेशनल पार्क तीन महीने के लंबे मानसून ब्रेक के बाद आगामी 1 अक्टूबर से पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। पार्क के दोबारा खुलने से एक बार फिर से जंगल में प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों की चहल-पहल लौट आएगी।


पार्क प्रबंधन ने नए पर्यटन सत्र को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हाल ही में डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने जंगल के भीतर आंतरिक सड़कों और सफारी ट्रैक की मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। मानसून की मूसलाधार बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को दुरुस्त कर दिया गया है ताकि पर्यटकों को जंगल सफारी के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा, पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र जैसे ट्री हाउस, कैंटीन परिसर और केचकी संगम के इको स्ट्रीट की मजबूती व सुरक्षा मानकों की भी बारीकी से जांच की गई है। पर्यटकों को बेहतर और स्वच्छ खान-पान उपलब्ध कराने के लिए कैंटीन व्यवस्था को भी अपग्रेड किया गया है।

नियमों के तहत बंद रहता है पार्क
गौरतलब है कि बेतला नेशनल पार्क के बंद रहने की अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो रही है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के तहत हर साल जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीनों में टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्कों को बंद रखा जाता है। वन्यजीवों के प्राकृतिक प्रजनन काल को सुरक्षित रखने के लिए यह अवधि निर्धारित की गई है।

डोरंडा में 22 सितंबर से दो दिवसीय उर्स-ए-गौसुल आजम, सूफियाना कव्वाली बनेगी आकर्षण
पर्यटकों में भारी उत्साह, एडवांस बुकिंग शुरू
पार्क के फिर से खुलने की खबर से सैलानियों में जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है। स्थिति यह है कि 1 अक्टूबर और उसके बाद के शुरुआती सप्ताहांत (वीकेंड) के लिए बेतला फॉरेस्ट रेस्ट हाउस, सरकारी टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स और आसपास के निजी होटलों में एडवांस बुकिंग तेजी से हो रही है। पार्क प्रबंधन का मानना है कि इस बार का पर्यटन सत्र पर्यटकों के लिए बेहद रोमांचक और सुखद अनुभव लेकर आएगा।

थैलेसीमिया और सिकल सेल मरीजों को बड़ी राहत: अब निजी अस्पतालों में भी मुफ्त चढ़ेगा खून























