*पांच दिवसीय नवरात्रि कार्यक्रम में मां दुर्गा, काली, सरस्वती, गायत्री और लक्ष्मी के स्वरूपों के आध्यात्मिक रहस्यों का किया जा रहा वर्णन
कुनकुरी। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर कुनकुरी के तपकरा रोड स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केंद्र में पांच दिवसीय कार्यक्रम के तहत पांच चैतन्य देवियों की भव्य एवं मनमोहक झांकी सजाई गई है। झांकी में मां दुर्गा, मां काली, मां सरस्वती, मां गायत्री और मां लक्ष्मी के दिव्य स्वरूपों के माध्यम से उनकी शक्तियों एवं अस्त्र-शस्त्रों के आध्यात्मिक रहस्यों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। झांकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

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अष्टमी के अवसर पर मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने झांकी की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल देवी दर्शन का माध्यम नहीं है, बल्कि जीवन में श्रेष्ठ संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा भी देती है। ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि मां दुर्गा का स्वरूप साहस, शक्ति, धैर्य, धर्म की रक्षा और बुराइयों पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। आध्यात्मिक ज्ञान से व्यक्ति के जीवन और विचारों में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा समाज में सद्भाव और संस्कारों को बढ़ावा मिलता है।
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*देवियों के स्वरूपों में छिपे आध्यात्मिक रहस्यों की दी जानकारी*
ब्रह्माकुमारी भारती दीदी ने देवियों की शक्तियों के आध्यात्मिक रहस्यों को समझाते हुए कहा कि मां दुर्गा के हाथों में धारण किए गए विभिन्न अस्त्र-शस्त्र केवल बाहरी शक्ति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे मनुष्य के भीतर विद्यमान दिव्य गुणों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। मां दुर्गा का स्वरूप साहसी और निर्भय बनने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा नकारात्मक विचारों एवं बुराइयों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।

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उन्होंने बताया कि मां काली का स्वरूप अज्ञान, मोह और अहंकार के संहार का प्रतीक है। मां लक्ष्मी जीवन में संतुलन, संतोष, प्रेम, करुणा और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देती हैं। मां सरस्वती ज्ञान, विवेक और शुद्ध चेतना की प्रतीक हैं, जबकि मां गायत्री बुद्धि एवं प्राणशक्ति को सन्मार्ग पर प्रेरित करने वाली दिव्य ज्योति का प्रतीक हैं।
भारती दीदी ने कहा कि सच्ची शक्ति आत्मज्ञान, मन की पवित्रता, धैर्य और परमात्मा से जुड़ाव में निहित है। चैतन्य देवियों की यह झांकी श्रद्धालुओं को देवी दर्शन के साथ-साथ अपने जीवन में दिव्य गुणों को धारण कर बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा दे रही है।
*नारी शक्ति और सम्मान का संदेश*
आयोजन के माध्यम से समाज में नारी शक्ति, नारी सम्मान और देवी स्वरूपों के आध्यात्मिक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
कार्यक्रम की जानकारी ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी भारती दीदी एवं उनकी सहयोगी गायत्री दीदी और गोमती दीदी ने दी। उन्होंने आयोजन की सफलता का श्रेय संस्था से जुड़े सभी भाई-बहनों के सहयोग को दिया।


