रायपुर: देश भर में मानसून की विदाई की औपचारिक शुरुआत के बीच मध्य और पूर्वी भारत में मौसम का मिजाज अचानक फिर बिगड़ गया है। बंगाल की खाड़ी में बने शक्तिशाली गहरे अवदाब (Deep Depression) के असर से छत्तीसगढ़ और उससे सटे सभी 6 पड़ोसी राज्यों में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 से 72 घंटों के दौरान ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र (विदर्भ) और झारखंड में तेज हवाओं, गरज-चमक और अत्यधिक भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है।
पड़ोसी राज्यों में मौसम का हाल: कहां कैसा रहेगा असर?
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ओडिशा (अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट): छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ओडिशा में सिस्टम का सबसे तीखा असर दिखने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 24 सितंबर को कई इलाकों में अत्यधिक भारी (Extremely Heavy) बारिश और 25 सितंबर को मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के साथ समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।
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तेलंगाना में अगले 48 घंटे भारी: राज्य के दक्षिणी हिस्से से लगे तेलंगाना में 24 और 25 सितंबर को तीव्र गरज-चमक के साथ तूफानी बारिश का अलर्ट है। तेज सतही हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। यह सिलसिला 26 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है।
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महाराष्ट्र (विदर्भ क्षेत्र): छत्तीसगढ़ से सटे पूर्वी विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश से निचले रिहायशी इलाकों में जलभराव और अंतरराज्यीय परिवहन बाधित होने की आशंका जताई गई है।
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झारखंड और मध्य प्रदेश: झारखंड के कई जिलों में 24 और 25 सितंबर को आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं, मध्य प्रदेश के पूर्वी संभागों (छत्तीसगढ़ सीमावर्ती इलाकों) में भी बादलों की तेज आवाजाही के साथ मूसलाधार बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।
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आंध्र प्रदेश (तटीय क्षेत्र): तटीय आंध्र प्रदेश में डीप डिप्रेशन के कारण तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को समुद्र तटों से दूर रहने के निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों पर सीधा असर, सतर्क रहने की सलाह
पड़ोसी राज्यों में सक्रिय इस मजबूत वेदर सिस्टम का सीधा असर छत्तीसगढ़ के सीमांत इलाकों पर देखा जाएगा। बस्तर संभाग (ओडिशा व तेलंगाना सीमा), महासमुंद-गरियाबंद बेल्ट, तथा कबीरधाम व राजनांदगांव (मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र सीमा) के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बौछारें और वज्रपात (Thunderstorm/Lightning) की स्थिति बन सकती है।
तेज गरज-चमक और बारिश के दौरान किसान और आम नागरिक पेड़ों, बिजली के खंभों या खुले मैदानों में शरण लेने से बचें। 24 से 26 सितंबर के दौरान अंतरराज्यीय यात्रा (खासकर ओडिशा, विदर्भ और तेलंगाना रूट) पर निकलने से पहले सड़क मार्ग की स्थिति और मौसम बुलेटिन जरूर जांच लें।























