मुंबई
सोशल मीडिया पर 1 जनवरी 2027 से मौजूदा चेकबुक के अमान्य होने और नई सुरक्षा प्रणाली वाले चेक जारी करने को लेकर चल रही खबरों पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पूर्ण विराम लगा दिया है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि चेकबुक बदलने या मौजूदा चेक को अमान्य करने से जुड़ी खबरें पूरी तरह भ्रामक, निराधार और तथ्यहीन हैं। ग्राहकों की मौजूदा सीटीएस (CTS) चेकबुक 31 दिसंबर 2026 के बाद भी पूरी तरह मान्य और प्रभावी रहेंगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहे संदेशों में दावा किया जा रहा था कि नए साल की शुरुआत के साथ ही पुरानी चेकबुक काम करना बंद कर देंगी और ग्राहकों को बैंकों से नए सुरक्षा मानकों वाली चेकबुक जारी करानी होगी। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए आरबीआई ने बताया कि केंद्रीय बैंक की ओर से चेकबुक के नियमों में बदलाव या मौजूदा चेक रद्द करने को लेकर कोई भी परिपत्र या अधिसूचना जारी नहीं की गई है। मौजूदा चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) पहले की तरह ही सुचारू रूप से कार्य करता रहेगा।
उल्लेखनीय है कि चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) एक पूर्णतः इलेक्ट्रॉनिक एवं आधुनिक चेक क्लीयरेंस प्रणाली है। इसके तहत बैंक शाखाएं भौतिक (कागजी) चेक को एक बैंक से दूसरे बैंक भेजने के बजाय चेक की उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल छवि (फोटो) और इलेक्ट्रॉनिक डेटा के जरिए क्लीयरेंस प्रक्रिया पूरी करती हैं। इस व्यवस्था से चेक भुगतान में लगने वाला समय काफी घट जाता है और बैंकिंग कामकाज अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बनता है।
केंद्रीय बैंक ने सभी बैंक ग्राहकों को आगाह किया है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे किसी भी अपुष्ट संदेश पर भरोसा न करें और न ही बिना पुष्टि किए इसे आगे फॉरवर्ड करें। आरबीआई ने दोहराया कि बैंकिंग नियमों, खाता संचालन या चेक क्लीयरेंस से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट (rbi.org.in) या संबंधित बैंकों के अधिकृत सूचना माध्यमों पर ही भरोसा करें।



