बस्तर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित करनपुर पहुंचकर सुरक्षाबलों के बीच दीपोत्सव मनाया। दशकों तक लाल आतंक का दंश झेलने वाले इस इलाके में नक्सलवाद के खात्मे के बाद यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री ने जवानों के साथ यह पर्व मनाया है। प्रधानमंत्री ने वीर जवानों के बलिदान, त्याग और तपस्या को नमन करते हुए कहा कि कल तक जहां नक्सलियों का कहर था, वहां आज विकास की बहार है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ऐतिहासिक ऐलान करते हुए कहा कि 2026 की यह दीपावली अभूतपूर्व है क्योंकि देश ने माओवादी आतंक के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल कर ली है और आज देश का हर जिला नक्सल मुक्त हो चुका है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले नक्सलवाद को लाइलाज बीमारी मानकर भगवान भरोसे छोड़ दिया गया था, लेकिन 2014 के बाद मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति ने पूरी तस्वीर बदल दी।
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सुरक्षाबलों के अदम्य साहस की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने एक बड़ी जानकारी साझा की कि पिछले 47 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है जब बीते एक साल के दौरान ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ के किसी भी जवान की शहादत नहीं हुई है। उन्होंने 2004 से 2013 के दौर को याद करते हुए बताया कि तब एक साल में नक्सली हमलों का आंकड़ा दो हजार तक पहुंच जाता था और जवानों की शहादत के आंकड़े बहुत अधिक होते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा के चाक-चौबंद होने से ही देश की अखंडता मजबूत होती है और 140 करोड़ देशवासियों की ओर से उन्होंने देश के सभी सुरक्षाकर्मियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी लगातार दुर्गम इलाकों और सरहद पर तैनात जवानों के साथ दीपावली मनाने की परंपरा निभा रहे हैं, जिसके तहत इस वर्ष उन्होंने बस्तर के करनपुर में जवानों के साथ यह पर्व मनाया है।



