रायपुर:
पोस्ट-मानसून बारिश का दौर पूरी तरह थमने और आसमान साफ होने के बाद छत्तीसगढ़ में ठंड ने धीरे-धीरे दस्तक दे दी है। दिन के समय खिली तेज धूप के चलते तापमान में कोई विशेष अंतर नहीं दिख रहा है, लेकिन सूरज ढलते ही मौसम में ठंडक घुलने लगी है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में करीब 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी रायपुर में रात का पारा गिरकर 19 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जिससे सुबह की सैर पर निकलने वाले और देर रात घर लौटने वाले लोगों को हल्की सिहरन महसूस होने लगी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में कोई भी सक्रिय मौसमी प्रणाली (Weather System) प्रभावी नहीं है, जिसके चलते आने वाले दो से तीन दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास स्थिर रहेगा, जबकि रात के न्यूनतम तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट होने का अनुमान है। दिन में हल्की गर्माहट और रात में ठंडक के कारण लोगों को मौसम के दोहरे मिजाज का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के वक्त मैदानी और आउटर इलाकों में हल्की धुंध (मिस्ट) भी छाने लगी है।
उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग और सीमावर्ती जिलों में सर्दी का असर मैदानी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक तेज है। उत्तरी सीमा से लगे कई शहरों में पारा गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी रात की ठंडक तेजी से बढ़ेगी। ऐतिहासिक आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर के अंत तक रायपुर में न्यूनतम तापमान सामान्य तौर पर 14 से 15 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है, जिससे आने वाले दिनों में गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगेगी।
नवंबर माह में रायपुर के मौसम का एक दिलचस्प ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी रहा है। मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में 2 नवंबर 1935 को अब तक का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस और 22 नवंबर 1883 को अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। वहीं, 2 नवंबर 1930 को 24 घंटे में सर्वाधिक 70 मिमी बारिश तथा वर्ष 1924 में नवंबर माह में कुल 138 मिमी बारिश का सर्वकालिक रिकॉर्ड दर्ज है।



