बिलासपुर। छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा विभागीय परीक्षा भाग-दो (2017) के परिणाम को बिलासपुर उच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। जस्टिस बी.डी. गुरु की एकल पीठ ने परीक्षा प्रक्रिया में हुई गंभीर अनियमितताओं को रेखांकित करते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने विज्ञापित पाठ्यक्रम (सिलेबस) से बाहर के प्रश्न पूछे जाने तथा परीक्षा से ठीक पहले एडमिट कार्ड में नया विषय जोड़ने के कदम को अत्यंत गंभीर माना है।
वित्त विभाग को निर्देश: स्पष्ट सिलेबस के साथ नए सिरे से कराएं परीक्षा
हाईकोर्ट ने वित्त विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षा के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी सिलेबस अधिसूचित करें। साथ ही, पात्र कर्मचारियों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराने के बाद नए सिरे से परीक्षा का आयोजन करें।
यह था पूरा मामला
छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा विभागीय परीक्षा भाग-2 (2017) में शामिल अभ्यर्थियों ने याचिका दायर कर परीक्षा प्रक्रिया को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि विज्ञापन में जो पाठ्यक्रम तय किया गया था, उससे इतर सवाल पूछे गए। इतना ही नहीं, परीक्षा से ठीक पहले जारी किए गए एडमिट कार्ड में अचानक एक नया विषय जोड़ दिया गया, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी का कोई अवसर नहीं मिला।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि नियमों और तय पाठ्यक्रम का उल्लंघन कर परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसके बाद पूरी परीक्षा प्रक्रिया के परिणाम को रद्द करने का आदेश जारी किया गया।

