पान मसाला की पैकेजिंग पर FSSAI का बड़ा फैसला: प्लास्टिक और प्लास्टिक-लैमिनेटेड पैकेजिंग पर लगी रोक
विशेष संवाददाता
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली एवं अनियमितता के विरोध में राजधानी रांची में चल रहा छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 18वें दिन अत्यंत गंभीर मोड़ पर पहुँच गया। शाम करीब सात बजे हजारों की संख्या में आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने हाथों में मोबाइल की फ्लैशलाइट, चेहरे पर मास्क और बैनर-पोस्टर लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से फिरायालाल चौक तक ऐतिहासिक ‘मौन मार्च’ निकाला।
पूरे मार्च के दौरान छात्रों ने कोई नारेबाजी नहीं की। उनके हाथों में मौजूद तख्तियाँ और पोस्टर ही परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और सीबीआई जांच की माँग बुलंद करते नजर आए।
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आंदोलनरत छात्रों की तीन प्रमुख माँगें
JSSC CGL एवं JPSC की विवादित परीक्षाएँ रद्द हों: अभ्यर्थियों का कहना है कि धांधली की शिकार हुई भर्ती परीक्षाओं को अविलंब रद्द किया जाए।
CBI जांच का मिले आदेश: पूरी परीक्षा प्रक्रिया और अनियमितताओं के मामलों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी सीबीआई जांच कराई जाए।
मुख्यमंत्रियों से सीधे वार्ता की शर्त:
छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया है कि वे अब किसी मंत्री या अधिकारी से बात नहीं करेंगे, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही अपनी माँगों पर संवाद करेंगे।
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विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, लाठीचार्ज के विरोध में राज्यभर में राजनीतिक घमासान
सोमवार को हजारों छात्रों द्वारा किए गए शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में कई छात्र-छात्राएँ घायल हो गए थे। इस घटना को लेकर मंगलवार को राजनीतिक पारा चढ़ गया:
सदन में हंगामा:
लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा, आजसू और लोजपा विधायकों ने विधानसभा के अंदर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया, जिसके चलते मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
झारखंड बंद का असर:
लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी द्वारा बुलाए गए ‘झारखंड बंद’ का असर राजधानी रांची सहित राज्य के कई अन्य जिलों में देखने को मिला।
लाठीचार्ज के बावजूद निकले इस विशाल ‘मौन मार्च’ से आंदोलनकारियों ने सरकार को साफ संदेश दिया है कि वे अपनी माँगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और निष्पक्ष न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

