झारखंड में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने आउट ऑफ स्कूल (शाला त्यागी) बच्चों के चिन्हांकन और उनके विद्यालय में नामांकन अभियान में घोर लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने राज्य के 14 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को कारण बताओ (शो कॉज) नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब तलब किया है।
राज्य सरकार द्वारा ड्रॉपआउट और कभी स्कूल न गए बच्चों को औपचारिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए व्यापक सर्वेक्षण, सत्यापन और नामांकन अभियान चलाया जा रहा है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि संबंधित जिलों में इस अभियान की प्रगति बेहद निराशाजनक रही और अधिकारियों द्वारा अपेक्षित स्तर पर रुचि नहीं ली गई। जमीनी स्तर पर निगरानी की कमी और लक्ष्य पूरा न होने को प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए विभाग ने इन शीर्ष शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
जिन 14 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें पाकुड़, दुमका, पलामू, गोड्डा, पश्चिमी सिंहभूम, देवघर, खूंटी, गिरिडीह, गुमला, साहेबगंज, धनबाद, लोहरदगा, गढ़वा और लातेहार जिले शामिल हैं। विभाग ने सभी संबंधित अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे तय समयसीमा के भीतर यह स्पष्ट करें कि अभियान के क्रियान्वयन में सुस्ती क्यों बरती गई, अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।























