रायपुर //-
प्रदेश भर के शिक्षक एलबी संवर्ग ने इस वर्ष रक्षाबंधन के मौके पर एक बड़ा आंदोलन किया था। साथ ही साथ राज्य के मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री के निवास का घेराव भी किया था। इसके बाद शिक्षामंत्री और मुख्यमंत्री से शिक्षकों के प्रतिनिधियों की वार्ता हुई थी।
तथा आंदोलन में राज्य के शिक्षिका बहनों ने प्रदेश के शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव को राखी बांधकर अपने-अपने घर वापस लौट गई साथ ही आंदोलन को स्थगित कर दिया गया था। क्योंकि सरकार ने प्रदेश के शिक्षिका बहनों से राखी बंधवाकर उन्हें आश्वासन दिया था कि शिक्षकों के साथ कोई भी अन्याय नहीं होगा।
TET अनिवार्यता पर “सेवा सुरक्षा” मुद्दा फिर गरमाया मामला, मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री से मिलेगा शिक्षक साझा मंच
किसी भी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी। इसी समय सरकार और शिक्षक प्रतिनिधियों के बीच लंबी चर्चा हुई थी। दो से तीन बार की वार्ता हुई थी। वार्ता के बाद शिक्षक संगठनों को राज्य सरकार ने आश्वासन दिया था कि सरकार शिक्षकों की मांगों को मानेगी। तथा टीईटी के संबंध में सरकार ने निर्णय लेते हुए वर्ष में तीन बार और 2 वर्ष में 6 बार टीईटी परीक्षा का आयोजन करेगी।
कुल मिलाकर प्रदेश के सभी शिक्षकों को टीईटी में पास हो ऐसा व्यवस्था किया जाएगा। परंतु रक्षाबंधन के बाद काफी समय निकलने पर आज पर्यंत भी इस संबंध में सरकार द्वारा एक भी आदेश जारी नहीं किया गया है। ऐसे में विभिन्न शिक्षक संगठन में सरकार के प्रति काफी नाराजगी बढ़ती जा रही है।
छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के समय जो आंदोलन खत्म किया गया था वह सरकार के आश्वासन पर खत्म किया गया था। तथा प्रदेशभर के हजारों हजार शिक्षकों ने खुशी-खुशी अपने स्कूल लौटे थे।
सरगुजा ओलंपिक 2026-27 का खेल महाकुंभ:एथलेटिक्स, तीरंदाजी, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल सहित 12 खेलों में दमखम दिखाएंगे जूनियर और सीनियर खिलाड़ी
उन्हें उम्मीद था कि सरकार शीघ्र ही टीईटी परीक्षा का शेड्यूल जारी करेगी। तथा सभी शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करने की व्यवस्था करेगी। ऐसा उम्मीद शिक्षकों को थी। लेकिन आज काफी समय निकालने के बाद भी सरकार के द्वारा कोई हलचल नहीं है।
किसी प्रकार का आदेश नहीं निकला है। जिससे प्रदेश के सभी शिक्षकों में अंदर ही अंदर काफी नाराजगी पनप रही है। यदि सरकार इस मामले में शीघ्र ही कोई ठोस आदेश जारी नहीं करती है तो आने वाले समय में शिक्षकों का बड़ा और व्यापक आंदोलन होगा।
अब गांव नहीं, शहर कहलाएंगे ये इलाके! 1 लाख की आबादी वाले निकायों में जुड़ेंगे आसपास के गांव, जमीनों के रेट में आएगा उछाल
संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षकों को हल्के में ना लें। राज्य में लगभग दो लाख शिक्षक कार्यरत हैं। जिसमें 80,000 अस्सी हजार से अधिक शिक्षक टीईटी से प्रभावित है। ऐसे में सरकार रक्षाबंधन पर बहनों से किए गए वादे पूरा करें एवं शीघ्र ही इस दिशा में कोई ठोस आदेश जारी करें।शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने प्रदेश के शिक्षकों को राज्य सरकार द्वारा मांगे पूरी होने के संबंध में आदेश जारी नहीं करने की स्थिति में बड़े से बड़े और लंबे आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि जेन जी से भी बड़ा आंदोलन शिक्षकों के द्वारा पूरे राज्य के 146 विकास खंडों में एवं आवश्यकता पड़ने पर राजधानी रायपुर में बड़ा से बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।
वन अमले पर जानलेवा हमला, रेंजर और उपवनक्षेत्रपाल को 5 घंटे बंधक बनाया गया























