यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा 28 से 30 सितंबर 2026 तक बुलाई गई तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल के बीच सहकारी (को-ऑपरेटिव) बैंक के ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की प्रमुख संस्थाओं ने स्पष्ट किया है कि सहकारी बैंक इस हड़ताल का हिस्सा नहीं होंगे और इस दौरान उनकी सभी शाखाओं में सामान्य दिनों की तरह कामकाज जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि UFBU ने बैंकों में 5-डे वर्क वीक (सप्ताह में पांच कार्यदिवस) लागू करने की मुख्य मांग को लेकर इस हड़ताल का आह्वान किया है।
सहकारी बैंकों के हड़ताल से बाहर रहने के फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण, कस्बाई और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के ग्राहकों, किसानों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी। हड़ताल के दौरान इन बैंकों में नकदी जमा, निकासी, ड्राफ्ट, रेमिटेंस और चेक क्लीयरेंस जैसी सामान्य काउंटर सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही कृषि कार्यों से जुड़े जरूरी ऋण और नियमित वित्तीय लेनदेन भी स्थानीय प्रबंधकीय व्यवस्था के अनुसार जारी रहेंगे। हालांकि, शाखा स्तर पर विशेष प्रक्रियाओं वाले बड़े लेन-देन के लिए ग्राहकों को अपनी संबंधित शाखा से पहले संपर्क करने का सुझाव दिया गया है।
डिजिटल सेवाओं के मोर्चे पर भी ग्राहकों को सहूलियत मिलने की संभावना है। सहकारी बैंकों के एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप और यूपीआई (UPI) नेटवर्क सामान्य रूप से काम करते रहेंगे, जिससे रोजमर्रा के भुगतानों पर असर नहीं पड़ेगा। देश में स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक, डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक और अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों का एक विशाल नेटवर्क मौजूद है, जो जमीनी स्तर पर वित्तीय रीढ़ का काम करता है।
इधर, केंद्र सरकार ने भी तीन दिवसीय प्रस्तावित हड़ताल के असर को न्यूनतम करने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) को 27 सितंबर (रविवार) को भी सामान्य दिनों की तरह खुला रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि हड़ताल से ठीक पहले आमजन अपने जरूरी वित्तीय कार्य पूरे कर सकें। फिर भी असुविधा से बचने के लिए ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे 28 से 30 सितंबर के दौरान किसी भी बड़े वित्तीय कार्य के लिए अपनी स्थानीय शाखा से अग्रिम पुष्टि अवश्य कर लें।























