रायपुर
’खेलो इंडिया’ योजना के तहत स्कूलों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और शारीरिक शिक्षा (पीटीआई/व्यायाम शिक्षकों) को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) सेंटर, पटियाला में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग पर शासन को गुमराह करने और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के हक पर डाका डालने का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
खेलो इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ से 16 शारीरिक शिक्षा (व्यायाम) शिक्षकों को विशेष स्पोर्ट्स ट्रेनिंग के लिए नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NSNIS), पटियाला भेजा जाना तय किया गया था। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य स्कूल स्तर पर बच्चों को आधुनिक खेल तकनीक और फिटनेस का प्रशिक्षण देना था।
लेकिन खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने नियम-कायदों को दरकिनार करते हुए इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की जगह अपने विभाग के 14 खेल प्रशिक्षकों (कोच) को भेज दिया।
संघ की कड़ी आपत्ति और जांच की मांग
शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रितेश सिंह एवं प्रदेश सचिव मृत्युंजय शर्मा ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा आक्रोश और कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शासन को किया गुमराह: खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने तथ्य छिपाकर और मनमानी करते हुए शासन व संबंधित विभागों को गुमराह किया है।
व्यायाम शिक्षकों के लिए आए विशेष प्रशिक्षण के अवसर को खेल विभाग के कोचों को बांटना सीधे तौर पर शिक्षकों के अधिकारों पर कुठाराघात है।
*उच्च स्तरीय जांच की मांग
संघ ने इस पूरे मामले में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
”असहयोग आंदोलन” की चेतावनी
संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में संघ के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग और ट्राइबल विभाग के शारीरिक शिक्षा शिक्षक हमेशा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित बड़े से बड़े आयोजनों और खेल प्रतियोगिताओं को अपनी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ सफल बनाते आए हैं।
यदि भविष्य में इस प्रकार व्यायाम शिक्षकों के अधिकारों का हनन बंद नहीं हुआ और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो संघ खेल एवं युवा कल्याण विभाग के किसी भी आयोजन में अपनी सेवाएं नहीं देगा और आगामी सभी आयोजनों का पूर्ण बहिष्कार करने के लिए बाध्य होगा।
प्रतिनियुक्ति से रिक्त पद भरने का सुझाव
संघ ने अपने बयान में यह भी रेखांकित किया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग में वर्तमान में खेल अधिकारियों के अधिकांश पद खाली पड़े हैं। विभाग में व्याप्त इस कर्मचारी संकट को दूर करने के लिए योग्य और अनुभवी शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर इन पदों पर पदस्थ किया जाना चाहिए, जिससे राज्य में खेल गतिविधियों का सही और पारदर्शी संचालन हो सके।























